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Thursday, July 7, 2016

तुम्हारे सपने

तुम तो परिंदे की तरह थे.. कुछ ज्यादा ही ऊँचे सपने थे तुम्हारे...खुला आकाश न मिलता तो मूल चरित्र से हटकर सिर्फ दिखावा करते...जरूरी था कि तुम्हें बंधनों में न रखा जाये। 
पर एक सुझाव है कि अपने उन लक्ष्यों तक पहुँचने का रास्ता तय कर लो। साथ ही अगर उन सपनों की कीमत के बारे में भी चिंतन कर लो।

कहीं ऐसा ना हो कि उन सपनों को पूरा करके तुम उन लोगों को खो जो जिन्होंने तुम्हारी प्रतिभा को निखारने में अहम योगदान दिया है।

सब कुछ तुम्हें तय करना है... अब सारा आकाश तुम्हारा है...तुम्हें ही तय करना होगा कि तुम कितनी ऊपर उड़ोगी और उसके लिए क्या कीमत चुकाओगी।
‪#‎क्वीन‬

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