अब तो कभी-कभी यह तक सोचने लगता हूँ कि तुम्हारा मेरी ज़िन्दगी में एक 'स्वप्न' की तरह आना कहीं कोई ईश्वरीय योजना तो नहीं थी... क्या था मैं...कुछ भी तो नहीं...कोई नहीं जानता था मुझे...जो जानते भी थे, वे 'मानते' नहीं थे...पर अब लोग जानने लगे हैं...इससे भी ख़ुशी की बात यह है कि वे मानने भी लगे हैं।
एक वादा करता हूँ आज तुमसे...तुमको सब कुछ ब्याज सहित वापस करूँगा...तुम मेरी पहचान बनाने में जो सहयोग कर रही हो उसका बदले में मैं तुम्हें 'विशिष्ट' बना दूंगा। मैं जानता हूँ किसी सामान्य(व्यवहार के परिपेक्ष्य में) सी लड़की को #क्वीन बनाना इतना आसान नहीं है पर विश्वास करो इतना मुश्किल भी नहीं है। तुमने ही तो सिखाया था मुझे...
पर कभी-कभी एक बात बहुत परेशान करती है, अजब सी कश्मकश में फंस जाता हूँ जब कोई तुम्हारा नाम पूछता है...निरुत्तर हो जाता हूँ जब कोई यह पूछता है कि आखिर #क्वीन है कौन...
बस यहीं पर चुप हो जाता हूँ और कोसिस करता हूँ लोगों को बरगलाने की...और कोई विकल्प भी तो नहीं है ना... कल्पनाओं का वास्तविक नाम हो भी कैसे सकता है...
'क्वीन' कौन है? इस सवाल का जवाब तो मैं भी खोज रहा हूं। मैं तो बस इतना जानता हूं कि यह सामान्य को विशिष्ट बनाने का एक प्रयास है... कोई अलंकार नहीं... सिर्फ सच्ची भावनाएं... तुम थी तो सब कुछ था... तुम नहीं हो तो भी सब कुछ है....लेकिन तब वह 'सब कुछ' अच्छा लगता था लेकिन अब.... #क्वीन
सबसे ज्यादा पढ़ी गईं पोस्ट
-
याद है ना तुमको...उस दिन तुम मेरे साथ अपने एडमिशन की बात करने के लिए कॉलेज गई थी... बहुत मुश्किल होता था तुम्हारा घर से बाहर निकलना... पहली...
-
तुम्हें अंतिम बार जब देखा था तो बहुत खुश था, इसलिए नहीँ कि तुम बहुत खूबसूरत लग रही थी बल्कि इसलिए क्योंकि मैं उस जगह पर आखिरी शख्श था जो तुम...
-
लोग कहते हैं की मैं दोहरा जीवन जीता हूँ .गंभीर चिंतन के बाद मुझे भी अहसास हुआ की वास्तव में मैं दोहरा जीवन जीता हूँ ....समाज के बीच में सा...
-
उस दिन पहली बार चैट कर रहे थे हम। अब की तरह ही मैं हिंदी में लिख रहा था और तुम अंग्रेजी में...उस दिन तुमने कहा था, 'गौरव, तुम तो इंग्लिश...
-
हिंदी माध्यम से 8वीं तक की पढ़ाई के बाद लखनऊ में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू हुई। 10वीं के अंकों को देखकर बाबा को लगा कि अचानक अंग्रेजी म...
Monday, June 27, 2016
कैसे बताऊँ कौन हो तुम?
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment